बिज़नेस : दुनियाभर में खाने-पीने की चीजों की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन यानी FAO के मुताबिक अगस्त 2026 में वैश्विक खाद्य कीमतें नवंबर 2022 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। FAO का फूड प्राइस इंडेक्स अगस्त में 133.3 अंक रहा, जो जुलाई के संशोधित 130.8 अंक से 1.9 प्रतिशत अधिक है। एक साल पहले की तुलना में भी इसमें 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान शक्कर की कीमतों का रहा। अगस्त में FAO का शुगर प्राइस इंडेक्स 11.9 प्रतिशत बढ़ गया। यूरोप में गर्म और शुष्क मौसम, एशिया में उत्पादन को लेकर चिंता और ब्राजील के प्रमुख उत्पादन क्षेत्र में कम उत्पादन ने वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ाया। इसके अलावा भारत की ओर से कच्ची शक्कर के शुल्क-मुक्त आयात की घोषणा ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार को प्रभावित किया।
अनाज की कीमतों में भी अगस्त के दौरान 2.2 प्रतिशत की तेजी आई। गेहूं की कीमतें 2.6 प्रतिशत और मक्के की कीमतें 2.5 प्रतिशत बढ़ीं। ब्लैक सी क्षेत्र से निर्यात में बाधा, यूरोप में खराब मौसम और प्रमुख उत्पादक देशों में फसल को लेकर चिंता इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
FAO के मुताबिक वनस्पति तेल, मांस और डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार खराब मौसम, युद्ध से जुड़ी व्यापारिक बाधाएं और आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता आने वाले समय में वैश्विक खाद्य बाजार के लिए चुनौती बनी रह सकती है। हालांकि अगस्त का सूचकांक मार्च 2022 के रिकॉर्ड स्तर से अभी भी करीब 16.8 प्रतिशत नीचे है।
